सिस्टम बोर्ड और इमेज कैप्चरिंग उपकरण

सिस्टम बोर्ड

सिस्टम बोर्ड को मेनबोर्ड या मदरबोर्ड भी कहा जाता है। सिस्टम बोर्ड पूरे कंप्यूटर सिस्टम का संचार नियंत्रित करता है। सिस्टम बोर्ड से सभी उपकरण और भाग जुड़ते हैं, जिनमें बाहरी उपकरण जैसे कि कीबोर्ड और मॉनीटर और आंतरिक भाग जैसे कि हार्ड डिस्क ड्राइव और माइक्रोप्रोसेसर शामिल हैं। सिस्टम बोर्ड डेटा पाथ और ट्रैफिक मॉनीटर की तरह काम करता है जो विविध भागों को एक-दूसरे से प्रभावी संचार करने में सुविधा प्रदान करता है।

डेस्कटॉप कंप्यूटर में सिस्टम बोर्ड आमतौर से सिस्टम यूनिट के नीचे या एक तरफ स्थित होता है। यह एक बड़ा सपाट सर्किट बोर्ड होता है जो विविध इलेक्ट्रॉनिक भागों से कवर रहता है जिनमें सॉकेट, स्लॉट और बस लाइनें शामिल होती हैं।

1. सॉकेट, चिप्स कहलाने वाले छोटे विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक भागों के लिए कनेक्शन प्वाइंट प्रदान करते हैं। चिप्स छोटे-छोटे सर्किट बोर्ड से बनी होती हैं जो सिलिकॉन कहलाने वाली रेत जैसी सामग्री के चौकोर टुकड़ों पर बनी होती हैं। ये सर्किट बोर्ड, आपकी अंगुली के सिरे से भी छोटे हो सकते हैं। चिप सिलिकॉन चिप, सेमीकंडक्टर, या इंटीग्रेटेड सर्किट भी कहलाती हैं। चिप्स आमतौर से चिप कैरियर पर लगी होती हैं। ये कैरियर सिस्टम बोर्ड पर सीधे सॉकेट में या उन कार्ड पर लगे होते हैं जिन्हें सिस्टम बोर्ड पर स्लॉट्स में लगाया जाता है। सॉकेट सिस्टम बोर्ड विविध प्रकार के चिप्स से जोड़ने के लिए उपयोग किए जाते हैं, जिनमें माइक्रोप्रोसेसर और मैमोरी चिप शामिल हैं।

2. स्लॉट स्पेशलाइज्ड कार्ड या सर्किट बोर्ड के लिए कनेक्शन प्वाइंट उपलब्ध कराते हैं। ये कार्ड कंप्यूटर सिस्टम को विस्तार क्षमता देते हैं उदाहरण के लिए, वायरलेस नेटवर्किंग कार्ड सिस्टम बोर्ड पर स्लॉट में लगाया जाता है जो लोकल एरिया नेटवर्क से कनेक्शन सुविधा प्रदान करता है।

3. जोड़नेवाली लाइनें जो बस लाइनें कहलाती हैं, वे सिस्टम बोर्ड पर स्थित या सिस्टम बोर्ड से जुड़े विविध इलेक्ट्रॉनिक भागों के बीच संचार की सुविधा हेतु मार्ग प्रदान करती हैं।

आमतौर से, डेस्कटॉप में लगा सिस्टम बोर्ड लैपटॉप में लगे सिस्टम बोर्ड की तुलना में बड़ा होता है, और टैबलेट, स्मार्टफोन या वीयरेबल कंप्यूटर के सिस्टम बोर्ड की तुलना में बहुत ज्यादा बड़ा होता है। हालांकि ये सिस्टम बोर्ड अलग-अलग आकार वाले होते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे पर्सनल कंप्यूटर के विविध मागों के बीच संचार का एक समान कार्य करते हैं।

इमेज कैप्चरिंग उपकरण

ऑप्टिकल स्कैनर, पारंपरिक कॉपी मशीनों की तरह, किसी मूल छवि की प्रतिलिपि बना सकते हैं । उदाहरण के लिए, एक ऑप्टिकल स्कैनर किसी तस्वीर की एक डिजिटल कॉपी बना सकते हैं। इसके विपरीत इमेज कैप्चरिंग उपकरण, मूल इमेजेस को तैयार करते हैं या उन्हें खींचते हैं इन उपकरणों में डिजिटल कैमरे और वेबकैम शामिल हैं।

डिजिटल कैमरे

डिजिटल कैमरे इमेज्स को डिजिटल रूप से खीचते हैं और एक मैमोरी कार्ड पर या कैमरे की मैमोरी में इमेजेस को स्टोर करते हैं। अधिकांश डिजिटल कैमरे वीडियो रिकॉर्ड करने में भी सक्षम होते हैं। लगभग सभी टैबलेट्स और स्मार्टफोन्स में निर्मित डिजिटल कैमरे चित्र और वीडियो लेने में सक्षम होते हैं। इनसे आप एक तस्वीर खींच सकते हैं, इसे तुरंत देख सकते हैं, और यहां तक कि अपने खुद के वेब पेज पर मिनटों के भीतर पोस्ट कर सकते हैं।

वेबकैम

वेबकैम विशेष डिजिटल वीडियो कैमरे होते हैं, जो छवियों को खींचते हैं और इंटरनेट पर प्रसारण करने के लिए उन्हें कंप्यूटर पर भेजते हैं। वेबकैम अधिकांश स्मार्टफोन्स और टैबलेट्स में निर्मित होते है। डेस्कटॉप और लैपटॉप के वेबकैम या तो इनमें निर्मित होते हैं या कंप्यूटर के मॉनीटर से जुड़े होते हैं।

सिस्टम बोर्ड और इमेज कैप्चरिंग उपकरण से संबंधित विशेष जानकारी लेना चाहते हैं तो आप हमारे युटुब चैनल पर विजिट कर सकते हैं, जहां आपको इससे संबंधित वीडियो देखने के लिए मिलेगा जिसमें आपको विस्तार से और भी बातें समझाई जाएगी। अगर आप उस वीडियो को देखना चाहते हैं तो आपको नीचे यूट्यूब चैनल का लिंक मिल जाएगा।

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