माइक्रोप्रोसेसर क्या है?

माइक्रोप्रोसेसर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां

अधिकांश पर्सनल कंप्यूटर सिस्टम में, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट ( सीपीयू ) या प्रोसेसर, एक ही चिप में होता है जो माइक्रोप्रोसेसर कहलाती है। माइक्रोप्रोसेसर कंप्यूटर सिस्टम का मस्तिष्क कहलाता है। इसके दो मूल भाग होते हैं: कंट्रोल यूनिट और अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट।

कंट्रोल यूनिट

कंट्रोल यूनिट शेष कंप्यूटर सिस्टम को बताती है कि किसी प्रोग्राम के निर्देशों पर किस तरह कार्य करना है। यह मैमोरी, जो अस्थायी रूप से डेटा, निर्देश रखती है और सूचनाएं प्रोसेस करती है, और अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट के बीच इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलों का आवागमन निर्देशित करती है। यह सीपीयू तथा इनपुट व आउटपुट उपकरणों के बीच भी इन कंट्रोल सिग्नलों को निर्देशित करती है।

अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट

अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट वह है जो प्राय: एएलयू कहलाती है, दो प्रकार के कार्य करती है: गणितीय और तार्किक। गणित की आधारभूत क्रियाएं, जोड़ना, घटाना, गुणा और भाग गणितीय कार्य हैं। तार्किक कार्यों में तुलनाएं शामिल होती हैं जैसे की कोई चीज किसी अन्य के बराबर (=), से कम (<) या से अधिक (>) है।

माइक्रोप्रोसेसर चिप्स

चिप प्रोसेसिंग क्षमताएं प्रायः शब्द (वर्ड) आकारों में व्यक्त होती हैं। वर्ड, बिट्स की संख्या (जैसे कि 16, 32 या 64) होती है जो सीपीयू द्वारा एक बार में प्राप्त की जा सकती है। किसी वर्ड में बिट जितनी ज्यादा होगी. वह कंप्यूटर एक बार में उतना ही ज्यादा डेटा प्रोसेस कर सकेगा। आठ बिट समूह के रूप में मिलकर एक बाइट बनाते हैं। 32-बिट-वई कंप्यूटर एक बार में 4 बाइट प्राप्त कर सकता है। 64-बिट-वर्ड कंप्यूटर एक बार में 8 बाइट प्राप्त कर सकता है। इसलिए, 64 बिट वर्ड प्रोसेस करने के लिए डिजाइन किए गए कंप्यूटर की प्रोसेसिंग क्षमता अधिक होती है। कंप्यूटर डेटा और निर्देशों को कितनी तेजी से प्रोसेस कर सकता है, यह उसकी प्रोसेसिंग क्षमता को प्रभावित करने वाला एक अन्य कारक है।

माइक्रोप्रोसेसरकी प्रोसेसिंग स्पीड प्रायः इसकी क्लॉक स्पीड द्वारा प्रदर्शित होती है, जो इससे संबंधित है कि सीपीयू एक सेकेंड में कितनी बार डेटा या निर्देश ग्रहण और प्रोसेस कर सकता है। पुराने पर्सनल कंप्यूटर आमतौर से सेकंड के दस लाखवें भाग या माइक्रोसेकंड में डेटा और निर्देश प्रोसेस करते थे नए पर्सनल कंप्यूटर अधिक तेज़ हैं और वे सेकंड के दस करोड़वें भाग या नैनो सेकंड में डेटा और निर्देश प्रोसेस करते हैं। इसके विपरीत सुपर कंप्यूटर, पिको सेकंड में मापी जाने वाली स्पीड से कार्य करता है-पर्सनल कंप्यूटरों से 1000 गुना अधिक तेज गति से। निकट भविष्य में, हम प्रोसेसर की स्पीड उससे 1D00 गुना अधिक तेज़ होने की अपेक्षा कर सकते हैं, जिसे फेम्टोसेकंड में मापा जाएगा। तार्किक रूप से, किसी माइक्रोप्रोसेसर की क्लॉक स्पीड जितनी तेज होगी, वह माइक्रोप्रोसेसर उतना ही तेज होगा। हालांकि कुछ प्रोसेसर प्रति चक्र या घड़ी की एक टिक पर अनेक निर्देश संभाल सकते हैं, इसका अर्थ है कि क्लॉक स्पीड की तुलनाएं केवल समान तरह से कार्य करने वाले प्रोसेसरों के बीच ही की जा सकती है।

कभी पर्सनल कंप्यूटर में ऐसे माइक्रोप्रोसेसर होते थे जो प्रचालन नियंत्रित करने वाले एक सीपीयू को ही सपोर्ट कर सकते थे। ये कंप्यूटर, एक बार में केवल एक ही प्रोग्राम की प्रोसेसिंग को सपोर्ट कर सकते थे। अब अनेक पर्सनल कंप्यूटरों में मल्टीकोर प्रोसेसर होते हैं जो दो या अधिक पृथक और स्वतंत्र सीपीयू दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, क्वॉड-कोर प्रोसेसर में एक ही समय पर एक कोर एक जटिल एक्सेल स्प्रेडशीट की कंप्यूटिंग कर सकती है, दूसरी कोर वर्ड का उपयोग करके रिपोर्ट तैयार कर सकती है, तीसरी कोर एक्सेस का उपयोग करके रिकॉर्ड खोज सकती है और चौथी कोर मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन चला सकती है। हालांकि, पर्सनल कंप्यूटरों की क्षमताओं के बारे में अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि वे बहुत बड़े, जटिल प्रोग्राम चला सकते हैं जिनके लिए पहले महंगे और स्पेशलाइज्ड हार्डवेयर की आवश्यकता होती थी।

मल्टीकोरप्रोसेसरों को प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए, कंप्यूटर को यह अवश्य समझना चाहिए कि कार्यों को किस तरह ऐसे भागों में बांटा जाना है जो प्रत्येक कोर को वितरित किए जा सकें यह कार्य पैरेलल प्रोसेसिंग कहलाता है। विंडोज 8 और मैक ओएस एक्स जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम पैरेलल प्रोसेसिंग को सपोर्ट करते हैं। सॉफ्टवेयर विकासकर्ता इस तकनीक का उपयोग वैज्ञानिक प्रोग्रामों से लेकर परिष्कृत कंप्यूटर गामों तक विविध एप्लिकेशन में करते हैं।

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स्पेश्यिलिटी प्रोसेसर

माइक्रोप्रोसेसर चिप्स के अलावा, अन्य विविध प्रकार स्पेश्यिलिटी प्रोसेसिंग चिप्स भी विकसित की गई हैं।

1. कोप्रोसेसर्स स्पेश्यिलिटी होती हैं जो विशिष्ट कंप्यूटिंग कार्यों को उन्नत बनाने के लिए डिजाइन की गई है। ग्राफिक्स प्रोसेसर का उपयोग सबसे ज्यादा किया जाता है, जिसे जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) भी कहा जाता है। ये प्रोसेसर, अनेक प्रकार के विशिष्ट कार्य करने के लिए डिजाइन किए गए हैं जैसे कि 3D छवियां प्रदर्शित करना, और डेटा एन्क्रिप्ट करना। शक्तिशाली जीपीयू गेमिंग कंप्यूटर को मानक विशेषता होती है जो वर्चुअल एनवायरनमेंट की तेज़ प्रोसेसिंग को सपोर्ट करती है।

2. अनेक कारों में 70 से अधिक पृथक स्पेश्यिलिटी प्रोसेसर होते हैं जो ईंधन कुशलता से लेकर सैटेलाइट मनोरंजन और ट्रैकिंग सिस्टम तक लगभग हर चीज को नियंत्रित करते हैं।

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