कैरेक्टर इनकोडिंग क्या है

कैरेक्टर इनकोडिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

कैरेक्टर इनकोडिंग

हमने देखा है कि कंप्यूटर बाइनरी सिस्टम वाली सभी संख्याओं को आंतरिक रूप से निरूपित करेगा लेकिन टेक्स्ट का क्या? कंप्यूटर उन गैर संख्यात्मक लक्षणों का निरूण किस प्रकार से प्रदान कर सकता है जिनका उपयोग हम संपर्क करने के लिए करते हैं जैसे कि वाक्य जो आप अभी पढ़ रहे है। उत्तर कैरेक्टर एनकोडिंग स्कीम या स्टैडई है।

कैरेक्टर इनकोडिंग स्टैंडर्ड प्रत्येक कैरेक्टर के लिए वेद का एक विशिष्ट अनुक्रम नियत करता है। ऐतिहासिक रूप से, कैरेक्टर निरूपित करने के लिए पर्सनल कंप्यूटर ने एएससीआईआई (अमेरिकन स्टैंड कोड फॉर इन्फॉर्मेशन इंटरचेंज) का. जबकि मेनफ्रेम कंप्यूटर ने ईबीसीडीआईसी ( एक्सटेंडेड बाइनरी कोडेड डेसिमल इंटरचेंज कोड) का उपयोग किया। ये स्कीम्स बहुत प्रभावी थीं; हालांकि वे सीमित हैं। उदाहरण के लिए एएससीआईआई प्रत्येक कैरेक्टर निरूपित करने के लिए केवल 7 बिट्स का उपयोग करता है, जिसका अर्थ है कि केवल कुल 128 कैरेक्टर निरूपित किए जा सकते हैं। यह अंग्रेजी भाषा के अधिकांश कैरेक्टरों के लिए ठीक था लेकिन अन्य भाषाओं का बहुत ज्यादा समर्थन नहीं करता था जैसे कि चीनी और जापानी भाषा। इन भाषाओं में 7-बिट ASCII कोड द्वारा निरूपित किए जाने के लिए बहुत सारे कैरेक्टर हैं।

इंटरनेट में अचानक वृद्धि और इसके बाद कंप्यूटर के वैश्वीकरण ने यूनीकोड कहलाने वाले नए करैक्टर इनकोडिंग को बढ़ावा दिया जो 16 बिट का उपयोग करता है। यूनीकोड स्टैंडर्ड व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला कैरेक्टर एनकोडिंग स्टैंडर्ड है और लगभग हर कंप्यूटर सिस्टम द्वारा स्वीकार किया गया है। पुरानी ASCI-फॉर्मेटेड जानकारी के साथ अनुकूलता बनाए रखने के लिए, पहले 128 कौरेक्टर ASCI की तरह बिट्स के उसी अनुक्रम में नियत किए जाते हैं। हालाकी यूनिकोड प्रत्येक कैरेक्टर निरूपित करने के लिए बिट्स की वेरिएबल संख्या का उपयोग करता है जो गैर अंग्रेजी कैरेक्टर्स और विशेष कैरेक्टर्स को निरूपित करने की अनुमति देता है।

कंप्यूटर तकनीशियन

कंप्यूटर तकनीशियन कंप्यूटर के पुर्जों और सिस्टम की मरम्मत और उन्हें इस्टॉल करते हैं। वे पर्सनल कंप्यूटर और मेनफ्रेम सर्वर से लेकर प्रिंटर तक सभी चीजों पर काम कर सकते हैं। कुछ कंप्यूटर तकनीशियन कंप्यूटर नेटवर्क स्थापित करने और देखरेख करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। अनुभव कंप्यूटर तकनीशियन समस्याओं का निदान करने और जटिल सिस्टमों का नियमित रखरखाव रखने के लिए कंप्यूटर इंजीनियरिंग के साथ काम कर सकते हैं। इस क्षेत्र में जॉब वृद्धि की उम्मीद की जाती है क्योंकि कंप्यूटर उपकरण अधिक जटिल बन गए हैं और तकनीक का विस्तार हुआ है।

नियोक्ताकंप्यूटर मरम्मत में प्रमाणपत्र या व्यावसायिक स्कूलों से एसोसिएट उपाधि बाले लोगों को तलाश करते हैं । कंप्यूटर तकनीशियन तकनीकी परिवर्तनों के साथ अपनी शिक्षा जारी रखने की भी उम्मीद कर सकते हैं। इस क्षेत्र में अच्छा कम्युनिकेशन स्किल महत्त्वपूर्ण है।

आमतौर पर उन्नति के अवसर अधिक उन्नत कंप्यूटर सिस्टम पर काम करने के रूप में आते हैं। कुछ कप्यूटर तकनीशियन ग्राहक सेवा के पदों पर पहुंच जाते है या बिक्री के क्षेत्र में प्रवेश करते हैं।

कैरेक्टर्स और मार्क की पहचान करने वाले उपकरण

कैरेक्टर्स और मार्क की पहचान करने वाले उपकरण स्कैनर होते हैं जो विशेष चरित्रों और चिन्हों की पहचान करने में सक्षम होते हैं। वे विशेष उपकरण होते हैं, जो कुछ एप्लिकेशन्स के लिए आवश्यक होते हैं। उनके तीन प्रकार इस प्रकार से हैं:

  1. मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकॉग्निशन (MICR)-बैंकों द्वारा चेक और जमा पर्चियों पर सबसे नीचे दी गई असामान्य संख्या को स्वचालित रूप से पढ़ने के लिए उपयोग में लाये जाते हैं। एक विशेष प्रयोजन मशीन, जिसे एक रीडर/सेंटर के रूप में जाना है, वह इन संख्याओं को पढ़ती है और इनपुट प्रदान करती है, जो बैंकों को सक्षमता से ग्राहक के खाते में शेष राशि को बनाए रखने की सुविधा प्रदान करती है।
  2. ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (OCR)-विशेष पहले से प्रिंट कैरेक्टर्स का उपयोग करता है. जिन्हें एक प्रकाश स्रोत के द्वारा पढ़ा जा सकता है और मशीन पठनीय कोड में बदला जा सकता है। एक आम ओसीआर डिवाइस हाथ में पकड़ने योग्य बांड रीडर होता है। इनका बड़े-बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर में प्रिंट अक्षरों पर प्रकाश को परावर्तित कर खुदरा कीमतों के टैंग को पढ़ने के लिए उपयोग किया जाता है।
  3. ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन (OMR)-एक चिन्ह की उपस्थिति या अभाव को समझ सकते है, जैसे पेंसिल का चिन्ह। ओएमआर का अक्सर मानक बहु विकल्पीय परिक्षण की गणना करने के लिए प्रयोग किया जाता है
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